मां दुर्गा के रूप में छिपे हैं जीवन से जुड़े 7 महत्वपूर्ण संदेश, जिसे हमें निश्चय ही जानना चाहिये

मां दुर्गा को शक्ति का स्वरुप माना जाता है. शांत और शालीन लेकिन शक्तिशाली. मां दुर्गा को देवी पार्वती का भी रूप माना गया है. नवरात्र में इनके 9 रूपों की पूजा हम करते है. लेकिन क्या आपको ओअता है, मां दुर्गा खुद अपने आप में पूरा संदेश हैं? उनकी आंखें, मुस्कान या फ़िर उनके पैर हर बात का अपने आप में एक रहस्य है, जो आज की हमारी  ज़िंदगी में समझना बहुत ज़रूरी है. तो चलिए आज हम  आपको मां दुर्गा के बारे में कुछ रोचक तथ्य बताते हैं.

1. माता दुर्गा की आंखें

मां दुर्गा की बड़ी-बड़ी आंखें प्रतीक हैं, उनकी दूर दृष्टि की. और सब को एक बराबर देखने का भी प्रतीक हैं मां दुर्गा की आंखें.

2. मुस्कान से भरा चेहरा

आपने देखा होगा कि मां दुर्गा की प्रतिमा राक्षस के वध के दौरान भी मुस्कान से भरी होती है. इसके पीछे का संदेश है कि परिस्थिति कैसी भी हो हमें मुस्कुराते हुए उसका डट कर सामना करना चाहिए.

3. तीसरी आंख

सिर्फ़ देवों के देव महादेव की ही नहीं, बल्कि मां दुर्गा की भी तीसरी आंख है. ये प्रतीक है उस शक्ति का. महिला और पुरूष की समानता का.

4. चेहरे की चमक

मां दुर्गा का चमकता चेहरा किसी भी प्राणी को आकर्षित करने में सक्षम है. इस चमक का मतलब है उनकी दिव्य भव्यता.

5. हाथ में त्रिशूल

मां दुर्गा का प्रमुख शस्त्र त्रिशूल है. इससे ही वो सरे राक्षसों और दानवों का वध करती हैं. त्रिशूल प्रतीक है उन इच्छा शक्ति का. इसी के ज़रिए बुराइयों का नाश किया जा सकता है.

6. राक्षस वध के वक़्त, एक पैर उसकी छाती पर रखना.

मां दुर्गा की प्रतिमा में आपने देखा होगा कि राक्षस वध के वक़्त माँ ने दानव के छाती पर अपना एक पैर रखा हुआ है. इसका यह मतलब है कि कभी भी बुराई को ऊपर उठने नहीं देना चाहिए. वक़्त से पहले बुराई का नास ज़रूरी है.

7. मां दुर्गा की सवारी शेर

मां दुर्गा खुद अपने आप में शक्ति की प्रतिक हैं और शेर उनकी सवारी है. इस सवारी का भी एक मतलब है. शेर, राजा, शक्ति, भव्यता और जीत का प्रतिक माना जाता है.

Santosh Jha

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